◆ भृंग छंद ◆
विधान~[{नगण(111)×6}+पताका],
111 111 111 111 111 111 21,
20 वर्ण,यति 12, 8 वर्ण पर, 4 चरण
दो-दो चरण समतुकांत।

चहल पहल चहुँदिशि अति,गगन मगन आज।
लखन सियहिं सहित अवध,पहुँचत  रघुराज।।
पुरजन   परिजन   हरषत, बरसत  मग फूल।
सजल नयन पुलकित मन, त्रिभुवन सुखमूल।।

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