सुमेरु छंदाधारित…..
1222 1222 122

तुम्हारे पास आना, चाहता हूँ।
गले तुमको लगाना, चाहता हूँ।

तुम्हीं तुम हो सुनो अब, चाहतों में,
तुम्हें दिलमें बिठाना, चाहता हूँ।

रखा तुझको सदा ही, चाहतों में,
यही तुमको बताना, चाहता हूँ।

नहीं तुम दूर जाओ, बात मानों,
तुम्हें अपना बनाना, चाहता हूँ।

मिले जो साथ तेरा, रात बदले,
तुझे सपनों  में पाना, चाहता हूँ।

नहीं है तेज में अब, तेज कोई,
चमक तुझसे बढ़ाना, चाहता हूँ।

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